भारत ने एलओसी पार कर अपने सैनिकों पर हमले और दो जवानों के सिर काट लेने की वारदातपर पाकिस्तानी उच्चायुक्त से कड़ा विरोध जताया है। विदेश सचिव रंजन मथाई ने बुधवार को भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर को अपने दफ्तर में तलब किया और विरोध की लिखित चिट्ठी दी है। सूत्रों के मुताबिक 30 मिनट की बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान से इस 'बर्बर हमले की जांच करने को कहा है। सेना के सूत्रों के मुताबिक तीसरे जवान का क्षत-विक्षत शव भी बरामद किया गया है और उसका सिर धड़ से गायब है। आशंका है कि पाकिस्तानी सैनिक कटा हुआ सिर लेकर चले गए हैं। सूत्रों का कहना है कि भारतीय सेना पर इस हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना के बलूच बटालियन का हाथ है। (चार महीने पहले ही पिता बने थे शहीद सुधाकर)
जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद और हिज्बुल मुजाहिदीन के सुप्रीम कमांडर सैयद सलाहुद्दीन ने कहा है कि कश्मीर में जिहाद अगले साल फिर से शुरू होगा। 'तहलका' मैगजीन ने बुधवार को खबर दी कि पिछले महीने पाकिस्तान दौरे पर गए कश्मीरी अलगाववादियों के प्रतिनिधिमंडल ने सईद और सलाहुद्दीन से मुलाकात भी की थी। इन दोनों को भारत 'आतंकवाद का मास्टरमाइंड' कहता रहा है। लेकिन इन दोनों ने कश्मीरी प्रतिनिधिमंडल से कहा कि कश्मीर घाटी में 2014 में अमेरिका की अगुवाई वाली सेना के अफगानिस्तान से हटनके बाद जिहाद फिर से शुरू होगा। कश्मीरी अलगाववादियों की इन आतंकवादी सरगनाओं से मुलाकात को गोपनीय रखा गया था। इन दोनों के साथ मुलाकातें की भी अलग-अलग हुईं। एक से लाहौर और दूसरे से इस्लामाबाद में मुलाकात हुई।
जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद और हिज्बुल मुजाहिदीन के सुप्रीम कमांडर सैयद सलाहुद्दीन ने कहा है कि कश्मीर में जिहाद अगले साल फिर से शुरू होगा। 'तहलका' मैगजीन ने बुधवार को खबर दी कि पिछले महीने पाकिस्तान दौरे पर गए कश्मीरी अलगाववादियों के प्रतिनिधिमंडल ने सईद और सलाहुद्दीन से मुलाकात भी की थी। इन दोनों को भारत 'आतंकवाद का मास्टरमाइंड' कहता रहा है। लेकिन इन दोनों ने कश्मीरी प्रतिनिधिमंडल से कहा कि कश्मीर घाटी में 2014 में अमेरिका की अगुवाई वाली सेना के अफगानिस्तान से हटनके बाद जिहाद फिर से शुरू होगा। कश्मीरी अलगाववादियों की इन आतंकवादी सरगनाओं से मुलाकात को गोपनीय रखा गया था। इन दोनों के साथ मुलाकातें की भी अलग-अलग हुईं। एक से लाहौर और दूसरे से इस्लामाबाद में मुलाकात हुई।
(फोटो: भोपाल में बुधवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पाकिस्तानी सेना के हमले के विरोध में प्रदर्शन करते हुए)
पाकिस्तान के हमले के बाद देश में राजनीति भी तेज हो गई है। लापरवाही के लिए शिवसेना ने रक्षा मंत्री एंटनी का इस्तीफा मांगा है और पाकिस्तान के कलाकारों के भारत आने और दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों पर रोक लगाने की मांग की है।
बीजेपी ने कहा है कि पाकिस्तान का हमला भारत के लिए चेतावनी है। भारत को पाकिस्तान के साथ सख्ती से निपटना चाहिए और 'रेड लाइन' खींचनी चाहिए कि पाकिस्तान के साथ संबंध कैसे रखने हैं। बीजेपी नेता अरुण जेटली के मुताबिक, 'जिस तरह से भारतीय सैनिकों को मारा गया है, वह पाकिस्तान की तरफ से भारत को चेतावनी है। पाकिस्तान आज भी इसका खंडन कर रहा है इसलिए भारत सरकार का दायित्व बनता है कि वो सारे सबूतों को इकट्ठा कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पेश करे।' उन्होंने कहा, 'भारत बड़े उत्साह के साथ बातचीत का दौर आगे बढ़ा रहा था लेकिन आज इस चेतावनी के बाद पाकिस्तान के साथ हमें साफतौर पर 'रेड लाइन' खींचनी होंगी कि हमें उसके साथ संबंध कैसे रखने है। इस घटना के बाद पाकिस्तान के ऊपर आंख बंद करके भरोसा कर लेना भारत की बहुत बड़ी भूल होगी।'
कांग्रेस ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस का कहना है कि भारत ने पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक का स्वागत किया और उन्होंने हमारी गर्दन काटी। कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा, 'पाकिस्तान ने जो कुछ हमारी सरहदों पर किया है वह निंदनीय है। जिस तरह से हमारे सैनिकों की गर्दनें काटी गई हैं यह बर्बर सलूक है। हम अपने पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन इस घटना ने पाकिस्तान के मंसूबों पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान हमारे सब्र का इम्तिहान न ले।'
(फोटो: राजौरी में बुधवार को शहीद लांस नायक सुधाकर सिंह के पार्थिव शरीर के साथ सेना के जवान)



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