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Monday, 4 November 2013

'आतंकवादी था मेरा भाई, नहीं चाहिए शव'
















पटना।। पटना सीरियल ब्लास्ट में घायल इंडियन मुजाहिदीन का संदिग्ध आतंकी तारिक आलम उर्फ ऐनुल की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक उसे दो गज जमीन नसीब नहीं हुई है। उसके भाई ने शव ले जाने से इनकार कर दिया है। तारिक रांची के धुर्वा थाने के सिठियो का रहने वाला था। तारिक के शव का पोस्टमॉर्टम शुक्रवार को पीएमसीएच में मैजिस्ट्रेट की देखरेख में 4 सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने किया। इसकी विडियो रिकॉर्डिंग भी कराई

तारिक के नौ भाई-बहनों में से दूसरे नंबर के भाई ने कहा कि हम उसके बारे में कोई बात नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह आतंकवादी था, मैं और मेरा परिवार उसकी लाश नहीं ले जाएंगे। तारिक के भाई का कहना है कि पटना से लाश को लेने के लिए जो चिट्ठी आई है, वह उसका भी जवाब नहीं देंगे। उनका कहना है कि वह एक मुस्लिम था और हमें भरोसा है कि पुलिस उसका शव दफनाने वक्त इस बात का खयाल रखेगी।

पोस्टमॉर्टम के बाद पटना रेल थाने के इंस्पेक्टर राम पुकार सिंह ने जब तारिक के भाई से फोन पर शव लेने जाने की बात कही, तो वह काफी गुस्से में थे। उन्होंने कहा कि मेरा भाई आतंकवादी था, इसलिए मैं उसकी लाश नहीं ले जाऊंगा। फिलहाल तारिक का शव रेल पुलिस के पास सुरक्षित है। पुलिस एक बार फिर उसके परिवार वालों से शव ले जाने को कहेगी। यदि कोई भी शव ले जाने के लिए तैयार नहीं होगा, तो पुलिस की देख-रेख में उसे दफना दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 27 अक्टूबर की सुबह 9.30 बजे पटना जंकशन के प्लैटफॉर्म-10 पर बम में बैटरी लगाने के दौरान हुए ब्लास्ट में तारिक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर में कई छर्रे लगे थे। सूत्रों के मुताबिक, उसने मरने से पहले उसने पुलिस को बयान भी दिया है। गौरतलब है कि तारिक के एक साथी इम्तियाज आलम को 2 जिंदा बमों के साथ पकड़ा गया था।


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