- हमारी आदतें भी स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है यही कारण है कि कई बार सिर्फ गलत आहार-विहार करना यानी कि गलत समय पर, गलत चीजें, गलत तरीके से गलत मात्रा खाना और गलत व अप्राकृतिक तरीके से अपनी दिनचर्या रखना। इन सभी कारणों से न सिर्फ स्वास्थ्य पर बल्कि मेरिड लाइफ पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। साथ ही शरीर की आवश्यकता से अधिक भोजन करना भी पुरुषों में शारीरिक कमजोरी का एक बड़ा कारण बन सकता है। सिर्फ इन बातों का ध्यान रख लेने से ही ये समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है।
- स्वस्थ सोच से ही शरीर स्वस्थ रहता है यह एक बड़ी सच्चाई है। इन समस्याओं के लिए हमारे मन की भावनाएं भी काफी हद तक जिम्मेदार होती है। मन में भोग-विलास के वासनात्मक ख्याल लाना या मन में काम-वासना के विचार करना आदि स्वप्रदोष व शीघ्रपतन जैसी समस्याओं का एक बड़ा कारण है।
- अनार का फल तो गुणों से भरपूर होता ही है ये तो हम सभी जानते हैं लेकिन अनार का छिलका भी बहुत उपयोगी होता है। पुरुषों में कमजोरी की समस्या हो तो अनार के छिलके बहुत उपयोगी है। अनार के छिलकों को सुखाकर पीस लें। इसके बाद प्रतिदिन सुबह और शाम एक चम्मच इस चूर्ण को खाएं। जिन लोगों को अत्याधिक स्वप्नदोष होने की समस्या है, वे प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खाएं। केला पुरुष की शक्ति बढ़ाने वाला फल है। प्रतिदिन केले खाएं एवं संभव हो तो केले खाने के बाद दूध भी पीएं।
- रोज रात को सोने से पहले लहसुन की दो कलियां निगल लें। इसके बाद थोड़ा सा पानी पीएं। आंवले के चूर्ण में मिश्री पीसकर मिलाएं। इसके बाद प्रतिदिन रात को सोने से पहले करीब एक चम्मच इस मिश्रित चूर्ण का सेवन करें। इसके बाद थोड़ा-सा पानी पीएं।
बहुत अधिक गरिष्ट भोजन जैसे ज्यादा ऑयली फूड , पिज्जा, बर्गर जैसे फॉस्ट फू ड भी इसका एक बड़ा कारण है।अधिक घी-दूध, मेवे-मिठाई, पौष्टिक चीजें... आदि का सेवन करना भी आयुर्वेद की दृष्टी से अच्छा नहीं माना गया है।
- शीघ्रपतन की शिकायत हो तो धाय के फूल, मुलेठी, नागकेशर, बबूलफली बराबर मात्रा में लेकर इसमें आधी मात्रा में मिश्री मिलाकर, इस योग को 5-5 ग्राम की मात्रा में सेवन लगातार एक माह तक करें। इससे शीघ्रपतन में लाभ मिलता है।
- अक्सर राह चलते हुए हम कई पौधों को कुचलते हुए निकल जाते हैं लेकिन हम यह नहीं जानते कि इनके औषधीय गुण किस कदर हमारे लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जहाँ हम इन पौधों को कभी खरपतवार, कभी कचरा या कभी फालतू पौधा मानकर उखाड फेंकते हैं। ऐसा ही एक पौधा है पुर्ननवा। पुर्ननवा का वानस्पतिक नाम बोहराविया डिफ्यूसा है। पुर्ननवा की ताजी जड़ो का रस (2 चम्मच) दो से तीन माह तक लगातार दूध के साथ सेवन करने से वृद्ध व्यक्ति भी युवा की तरह महसूस करता है।


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