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Wednesday, 17 December 2014

कौन है 132 बच्चों का यह हत्यारा मुल्ला फज़लुल्ला?






 जिस खूनी गिरोह ने पेशावर के स्कूल में मासूम बच्चों का कत्लेआम किया उसका मुखिया है मौलाना फज़लुल्ला उर्फ मुल्ला रेडियो. उसका पैदाइशी नाम फज़ल हयात था. पिछले साल नवंबर में वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का अमीर बना और अपनी आतंकी कार्रवाइयों को तेज कर दिया.
1974 में पाकिस्तान के स्वात जिले में पैदा हुआ यह पश्तून उग्रवादी देवबंद सुन्नी इस्लाम का समर्थक है और देश में शरिया कानून लागू करवाना चाहता है. वह बहुत ही कट्टर विचारधारा का व्यक्ति है और उसी समुदाय का सदस्य है जिसकी नोबल प्राइज़ विजेता मलाला हैं, यानी यूसुफज़ई. उसने ही मलाला को मार डालने का हुक्म दिया था.

मुल्ला शुरू से ही अपराधी मानसिकता का व्यक्ति था और कहा जाता है कि वो तहरीक-ए-नफज़-ए-शरियत-ए-मुहम्मदी के संस्थापक सूफी मुहम्मद की बेटी को मदरसे से ले भागा था. मौलाना बहुत शातिर है और छुपकर रहता है. उसकी एक ही तस्वीर है जो अमेरिका के किसी न्यूज चैनल ने खींची थी.

फज़ल को पाकिस्तान की सरकार ने 2005 में गिरफ्तार कर लिया था. उसने जेल में ही रहकर तमाम धार्मिक किताबें पढ़ीं. वहां से ही उसके कट्टरवाद की शुरुआत हुई. जेल से छूटने के बाद उसने पाकिस्तान की सरकार और कट्टरपंथियों के बीच समझौता करवाया जिसके फलस्वरूप सरकार ने मालकंड जिले में शरिया कानून लागू करने पर सहमति दे दी. धीरे-धीरे वह स्वात घाटी के इलाके में मजबूत होता चला गया. उसने खूंखार आतंकी बैतुल्ला महसूद के साथ हाथ मिला लिया. वह उसकी बातें मानने लगा और भीतर ही भीतर अपनी पोजीशन बनाता चला गया. 2007 तक उसने 4500 लड़ाकों की फैज बना ली और स्वात घाटी के 59 गांवों पर अपनी हुकूमत चलाने लगा.

10 जुलाई 2009 को पाकिस्तानी फौज के हमले में वह जख्मी तो हो गया लेकिन बच निकला. फौज ने करोड़ों रुपये की लागत से बने उसके मदरसे को नेस्तनाबूत कर दिया. फौज के हमले के बाद वह अफगानिस्तान में छुप गया. उसी समय उसने पाकिस्तानी फौज से बदला लेने की ठान ली. वह अफगानिस्तान से रहकर ही पाकिस्तानी फौजों पर हमले करता था. पिछले साल अक्टूबर में वह पाकिस्तान के कबायली इलाके में आ गया. उसके तुरंत बाद ही उसे तालिबान का अमीर बना दिया गया क्योंकि उस समय के चीफ हकीमुल्ला मसूद को अमेरिकी ड्रोन ने उड़ा दिया था.

बदले की आग में झुलसता हुआ फज़ल पाकिस्तान और उसकी फौजों पर लगातार हमले करता रहा. वह कड़े शरिया कानून का पक्षधर है और उन्हें तोड़ने वालों को कड़ी सजा देता था जिनमें गर्दन काटना तक शामिल था. वह संगीत, टीवी, सिनेमा वगैरह का घोर विरोधी है और ऐसा करने वालों को सजा देता है. उसने कंप्यूटर की दुकानों में आग लगवा दी थी.

फज़ल महिला शिक्षा के सख्त खिलाफ है और उसने उस पर पूरी तरह से बैन लगा रखा है. उसने लड़कियों के दस स्कूलों को बम से उड़ा दिया था. उसने कुल 170 स्कूलों को नेस्तनाबूत कर दिया. उसने ही 2012 में मलाला को मारने के लिए एक हत्यारे को भेजा था.

मुल्ला ने पहले तो पाकिस्तान की सुरक्षा बलों को अपना निशाना बनाया लेकिन उसके बाद उसने जनता को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया. पाकिस्तान की सरकार द्वारा उत्तरी वज़ीरस्तान में फौजी कार्रवाई का वह लगातार विरोध करता रहा है और उसका कहना है कि इसमें बड़ी तादाद में औरतें तथा बच्चे मारे गए हैं. इसका बदला लेने के लिए ही उसने स्कूल पर यह हमला करवाया.Source......http://goo.gl/ogGm8y

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