नई दिल्ली। नियोक्ताओं को अब अपने कर्मचारियों के बैंक खाता नंबर आइएफएससी कोड के साथ ईपीएफओ को देने होंगे। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कंपनियों के लिए ऐसा करना अनिवार्य बना दिया है।
इस कदम का मकसद अंशदान करने वाले कर्मियों को स्थायी भविष्य निधि खाता नंबर (यूएएन) आवंटित करना और भुगतान आसान बनाना है।
ईपीएफओ ने इस संबंध में एक कार्यालय आदेश जारी किया है। इसमें संगठन ने अपने 120 से अधिक क्षेत्रीय कार्यालयों से आइएफएससी कोड के साथ कोर बैंकिंग खाता नंबर प्राप्त करने के लिए कहा है। इससे बैंक अकाउंट को पोर्टेबल यूएएन से जोड़ा जा सकेगा।
ईपीएफ सदस्यता छोड़ने के बाद जमा रकम के भुगतान में होने वाली परेशानी दूर करने के लिए बैंक खाता नंबर लेने संबंधी यह निर्देश सरकार ने जारी किया है।
भुगतान पाने में नहीं होगी परेशानी
ईपीएफओ के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त केके जालान ने कहा कि इस निर्देश से सभी सदस्यों का बैंक खाते का ब्योरा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। बैंक खाता नंबर यूएएन को अमल में लाने के लिए जरूरी है। फिलहाल ईपीएफओ को 1.80 करोड़ कर्मचारियों के बैंक खाते का ब्योरा मिल गया है।
ईपीएफओ ने 4.17 करोड़ अंशदान करने वाले कर्मचारियों के लिए यूएएन को 15 अक्टूबर तक चालू कर देने की प्रक्रिया शुरू की है। इस सुविधा के अमल में आने के बाद किसी कर्मचारी के एक संस्थान से नौकरी छोड़ दूसरी में जाने पर पीएफ अकाउंट नंबर बदलने की जरूरत नहीं होगी। उसका भविष्य निधि खाता नंबर वही बना रहेगा।

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