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Saturday, 9 February 2013

यह सच है कि इश्क में दिमाग काम नहीं करता







प्यार अंधा होता है यह पूरी तरह से सच है। आमतौर पर कहा जाता है कि लोगों की प्यार में पड़ने से सोच सकारात्मक होती है। प्यार भरे माहौल से व्यक्ति को पोजीटिव एनर्जी मिलती हैं। मगर हाल ही के एक शोध में एक और नई बात निकलकर सामने आई है कि प्यार में पड़ने वाले लोगों की तार्किक क्षमता खत्म हो जाती है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में किए गए अध्ययन में ये खुलासा हुआ है कि प्यार इंसान को सिर्फ अंधा ही नहीं बल्कि बेवकूफ भी बना देता है यानी प्यार का अहसास होते ही दिमाग में तर्क पैदा करने वाला हिस्सा काम करना बंद हो जाता है जिससे व्यक्ति विवेकशून्य हो जाता है।

यह शोध रॉबिन डनबर ने ब्रिटेन के लोगों पर किया। इसके लिए इन्होंने प्रतिभागियों के दिमाग की गतिविधियों को एमआईआर के जरिए जांचा। इतना ही नहीं प्रतिभागियों के पार्टनर्स की तस्वीरें भी उन्हें दिखाई गई। जिसमें पाया गया कि पार्टनर की फोटो देखते ही प्रतिभागियों के दिमाग का तर्क करने वाला हिस्सा बहुत प्रभावित हुआ है और उनकी सोचने-समझने की शक्ति क्षीण पड़ने लगी थी।

इससे ये नजीता निकाला गया कि प्यार होने पर व्यक्ति के दिमाग पर दिल हावी हो जाता है। ऐसे में कोई भी निर्णय वे भावनाओं के वशीभूत होकर लेने लगते हैं। शोधों में ये भी खुलासा हुआ कि दिल के मामले में दिमाग का इस्तेमाल किया जाए तो एक हेल्दी और खूबसूरत रिश्ता बनने में बहुत दिक्कतें आती हैं।

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