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Monday, 4 February 2013

विश्व कैंसर दिवस के मौके पर... इसलिए रो पड़े युवराज



गुड़गांव।। युवराज सिंह सोमवार को विश्व कैंसर दिवस के मौके पर कैंसर से अपनी सफल जंग को याद करते हुए फफक पड़े।युवराज ने इस दौरान भारत की विश्व कप 2011 जीत के कुछ महीनों के बीच फेफड़ों के बीच कैंसर का पता चलने की घटना के बारे में बात की।

भावुक युवराज ने कहा, 'जब मुझे पहली बार बताया गया कि मुझे कैंसर है तो मैंने विश्वास ही नहीं किया। मैंने सोचा कि मेरे जैसा युवा को कैंसर कैसे हो सकता है। मैंने सोचा कि मुझे यह कभी नहीं हो सकता। मुझे आत्मसात करने में कुछ समय लगा कि मुझे कैंसर हुआ है।'


आज से लगभग एक साल पहले युवराज इंडियानापोलिस के अस्पताल में अपने बायें फेफड़े में पहले चरण के ट्यूमर का इलाज करा रहे थे। युवराज इस दौरान उस समय को याद करते हुए अपने आंसुओं पर नियंत्रण नहीं रख पाए।युवराज एक समारोह में बोल रहे थे जिसमें कैंसर के रोगियों और इस बीमारी से बचने वालों ने इस बीमारी से संघर्ष के अपने अनुभव बांटे।


तेंडुलकर करेंगे युवराज पर लिखी किताब का विमोचन

सीनियर भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर अपनी टीम के साथी युवराज सिंह के कैंसर से संघर्ष की यादों पर लिखी किताब का विमोचन करेंगे। 'इन डिफ्रेंट फार्म' नाम की इस संस्मरणीय किताब में युवराज की कैंसर की शुरूआत से उबरने तक के सफर के बारे में लिखा गया है। भारत की 2011 में मिली विश्व कप खिताबी जीत के बाद उनके फेंफड़े में कैंसर का सफल उपचार हुआ था।युवराज ने 'विश्व कैंसर दिवस' के मौके पर अपने कैंसर के लिये चलाये गये अभियान 'यूवीकैन' द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा, 'सचिन तेंडुलकर किताब के विमोचन पर आयेंगे।' इस किताब के मार्च तक बाजार में आने की उम्मीद है।


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