लखनऊ। विधानसभा में मंगलवार को बसपा के जबरदस्त विरोध के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना बजट पेश किया। इस बार बजट में सरकार ने पिछले साल जिन क्षेत्रों को नजरअंदाज किया था, उन्हीं क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा है। बजट में सरकार ने राज्य के मूलभूत ढांचे के विकास के लिए लखनऊ को मेट्रो की नई सौगात दे डाली। वहीं, सरकार ने इस बार बजट के खाते में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर ज्यादा खर्च करते हुए दिखाई दिए। राज्य के कई जिलों में बेसिक स्तर से लेकर उच्च शिक्षा के विकास के लिए स्कूल, कॉलेज विश्वविद्यालय और छात्रावास निर्माण पर जोर दिया है। इस बार 2 लाख 21 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया है। यह बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट में मायावती सरकार को एक बार फिर तगड़ा झटका मिला है।
बजट की झलकियां
-लखनऊ में मेट्रो रेल योजना लागू करने का निर्णय
-सरकार द्वारा बढ़ाए गए गन्ना मूल्य के फलस्वरूप वर्तमान पेराई सत्र में गन्ना कृषकों को लगभग 21,000 करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा, जो गत वर्ष की अपेक्षा लगभग 3000 करोड़ रुपये अधिक होगा।
-सभी सरकारी एवं अनुदानित निजी महाविद्यालयों में स्नातक स्तर तक छात्राओं को मुफ्त शिक्षा देने का निर्णय।
-प्रदेश के अल्पसंख्यक बहुल 5 जनपदों समेत 36 जिलों में नए मॉडल राजकीय सहशिक्षा महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
-डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के अंतर्गत लगभग 10,000 ग्रामों को संपर्क मार्गो से जोड़े जाने का निर्णय। इसमें से वर्ष 2013-2014 में 2100 ग्रामों को संपर्क मार्ग से जोड़ा जाएगा।
-लोहिया ग्रामीण आवास योजना में प्रति आवास निर्माण के लिए एक लाख रुपये का अनुदान व सोलर लाइट के लिए 15000 रुपये की सीमा तक अनुदान दिया जाएगा। इस योजना हेतु 520 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-आगरा से लखनऊ तक एक नए 8 लेन एक्सेस कन्ट्रोल्ड ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण का निर्णय।
-दिल्ली-सहारनपुर-यमुनोत्री राज्य राजमार्ग, बरेली-अल्मोड़ा राज्य राजमार्ग, वाराणसी-शक्तिनगर राज्य राजमार्ग तथा मेरठ-करनाल राज्य राजमार्ग का निर्माण कार्य कराए जाने का निर्णय।
-शाहजहानपुर - हरदोई - लखनऊ मार्ग, गोरखपुर - महराजगंज मार्ग, बलरामपुर - गोंडा - जरवल मार्ग, अलीगढ़ - मथुरा मार्ग, एटा - शिकोहाबाद मार्ग तथा मुजफ्फरनगर - सहारनपुर वाया देवबंद मार्ग को सार्वजनिक - निजी सहभागिता से 04 लेन किए जाने का निर्णय।
-4,500 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में 259 पुलों के निर्माण का निर्णय।
-160 करोड़ रुपये एवं 19 करोड़ रुपये की लागत से रामपुर में दो फ्लाईओवरों का निर्माण।
-45 करोड़ रुपये की लागत से कानपुर नगर में गोविन्दपुरी रेलवे स्टेशन के निकट रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण।
-फैजाबाद के विधानसभा क्षेत्र रूदौली में गोमती नदी पर 10 करोड़ रुपये की लागत से सेतु का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही, 51 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर में गोरखपुर-नौतनवा रेल सेक्शन के अंतर्गत रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण कराया जाएगा।
-लखनऊ में 40 करोड़ रुपये की लागत से लोरेटो कॉन्वेन्ट चौराहे से तेलीबाग मार्ग पर रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण होगा। साथ ही, 37 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ के आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास रेल उपरिगामी सेतु का निर्माण कराया जाएगा।
-प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों को 4 लेन सड़कों से जोड़े जाने की योजना के अंतर्गत कसया से देवरिया, कासगंज से एटा, कालपी से हमीरपुर व मुरादाबाद से सम्भल मार्गो को 4 लेन का किया जाएगा।
-यातायात के दबाव को देखते हुए गाजियाबाद शहर में 20 किलोमीटर लंबी 'नार्दन पेरीफेरल रोड परियोजना' शुरू होगी।
-चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के अधीन जनपद लखीमपुर खीरी में 15 करोड़ रुपये की लागत से कृषि महाविद्यालय कैंपस की स्थापना की जाएगी।
-नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फैजाबाद के अधीन जनपद आजमगढ़ में 15 करोड़ रुपये की लागत से कृषि महाविद्यालय कैम्पस की स्थापना की जाएगी।
-प्रदेश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इलाहाबाद व सिद्धार्थनगर में विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
-अभी तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोगियों के तीमारदारों के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके निराकरण के लिए15 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक केंद्रों पर रोगी आश्रय स्थल भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
-उत्तर प्रदेश में विकास कार्यो की मॉनिटरिंग, प्लानिंग तथा समन्वय के लिए नई तकनीक 'थ्री-डी जिओ-स्पेशल डेटाबेस हाई रिजॉल्यूशन सेटेलाइट इमेजरी सिस्टम' को विकसित किया जाएगा।
-प्रदेश पुलिस के लिए जीआईएस/जीपीएस उपकरण तथा वेहिकल ट्रैकिंग रिस्पॉन्स सिस्टम से युक्त अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किये जा रहे हैं। प्रथम चरण में लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर एवं गाजियाबाद में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। इन नगरों में महत्वपूर्ण स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
-आशीर्वाद-बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों, मदरसों, संस्कृत विद्यालयों, अनाथालयों व आंगनवाड़ी केंद्रों में भी लागू की जायेगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के लगभग 2 करोड़ बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण का लक्ष्य है।
-वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण तथा उन्हें प्रबंधन की नई तकनीकों में दक्ष करने के लिए लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया राज्य प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी की स्थापना की जाएगी।
-वर्ष 2013-2014 के लिए प्रस्तुत बजट का आकार दो लाख इक्कीस हजार दो सौ एक करोड़ उन्नीस लाख रुपये (2,21,201.19 करोड़ रुपये) है, जो वर्ष 2012-2013 के बजट के सापेक्ष 10.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
-इस आकार के बजट को वित्त पोषित करने के लिए बजट में संसाधनों की समुचित व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रदेश के स्वयं के कर राजस्व में वर्ष 2012-2013 की अपेक्षा लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि सम्मिलित है।
-वर्ष 2013-2014 के बजट में सात हजार सात सौ सत्तासी करोड़ अस्सी लाख रुपये (7,787.80 करोड़ रुपये) की 219 नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं।
-अवस्थापना सुविधाओं, जैसे सड़क, सेतु, सिंचाई एवं ऊर्जा के विकास एवं सुदृढ़ीकरण की योजनाओं के लिए छब्बीस हजार छह सौ इकतालीस करोड़ रुपये (26,641 करोड़ रुपये) की व्यवस्था की गई है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है।
-कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए सत्रह हजार एक सौ चौहत्तर करोड़ रुपये (17,174 करोड़ रुपये) की व्यवस्था।
-शिक्षा के विस्तार एवं गुणवत्ता में सुधार की योजनाओं के लिए बत्तीस हजार आठ सौ छियासी करोड़ रुपये (32,886 करोड़ रुपये) की व्यवस्था।
-चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार एवं विस्तार के लिए दस हजार छह सौ पैंतालिस करोड़ रुपये (10,645 करोड़ रुपये) की व्यवस्था, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 12.1 प्रतिशत अधिक है।
-अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, विकलांग, अल्पसंख्यक तथा सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों के कल्याण की योजनाओं के लिए बीस हजार दो सौ बानवे करोड़ बानवे लाख रुपये (20,292.92 करोड़ रुपये) की व्यवस्था, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।
-आर्थिक विकास की दर को बढ़ाने के लिए पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता दी गई है। जहां राजस्व व्यय में वर्ष 2012-2013 के सापेक्ष केवल 9.8 प्रतिशत की वृद्धि इस बजट में की गई है, वहीं पूंजिगत पक्ष में 21.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पूंजिगत परिसंपत्तियों के सृजन से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति प्राप्त हो सकेगी। इसी अनुक्रम में इस बजट में प्लान पक्ष को वरीयता देते हुए, वर्ष 2012-2013 के सापेक्ष 19.4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जबकि नान प्लान में यह वृद्धि केवल 7.1 प्रतिशत ही है।
किसानों के लिए योजनाएं
-गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य के भुगतान के लिये 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-किसानों की ऋण माफी योजना में कुल 1,650 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे लगभग 08 लाख किसान कर्ज मुक्त होंगे।
-किसानों को मुफ्त सिंचाई की सुविधा के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-किसान दुर्घटना बीमा हेतु 375 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-ग्रामीण किसानों को 4 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के वादे के स्थान पर 3 प्रतिशत की ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक अल्पकालिक फसली ऋण प्रारंभिक सहकारी कृषि ऋण समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
-ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं।
-डा. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजनांतर्गत सीसी रोड, केसी ड्रेन निर्माण एवं आंतरिक गलियों में इंटरलाकिंग टाइल्स बिछाने के लिए 287 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-दस हजार से अधिक आबादी वाले सभी ग्रामों तथा दूषित पानी वाले समस्त गांवों को भी नगरीय क्षेत्रों की तरह नल से जल उपलब्ध कराने की योजना से आच्छादित करने का निर्णय।
-ग्रामीण सड़कों के निर्माण व उच्चीकरण के लिए तीन हजार एक सौ सात करोड़ रुपये (3,107 करोड़ रुपये) के प्रस्ताव स्वीकृत।
-स्वर्ण जयंती रोजगार योजना को अधिक परिणामपरक बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन प्रदेश में लागू किया जा रहा है। ग्रामीण बेरोजगारी को दूर करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
-महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए योजनाएं।
-नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के लिए आदर्श नगर योजना के अंतर्गत 156 करोड़ रुपये, नगरीय सीवरेज योजना के लिए 120 करोड़ रुपये, नगरीय पेयजल कार्यक्रम के लिए 130 करोड़ रुपये तथा नगरीय जल निकासी योजना के लिये 110 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
-नया सवेरा नगर विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए, नागर स्थानीय निकायों को धनराशि उपलब्ध कराए जाने के लिए 900 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित जो वर्ष 2012-13 की व्यवस्था से छह सौ उनसठ करोड़ रुपये (659 करोड़ रुपये) अधिक है।
-पीपीपी मोड पर नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के क्रियान्वयन के लिए 195 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
-नगरीय सड़क सुधार की एक नई योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
-कमजोर वर्गो के लिए कल्याणकारी योजनाएं।
-वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजनांतर्गत 1,683 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
-रानी लक्ष्मी बाई पेंशन योजना के लिए 1,250 करोड़ रुपये की व्यवस्था
-बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए 1,200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-अल्पसंख्यक समुदाय की 10वीं पास पुत्रियों को शिक्षा या विवाह के लिए हमारी बेटी उसका कल योजना के अंतर्गत 350 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-अल्पसंख्यक समुदाय के अंत्येष्टि स्थलों एवं कब्रिस्तानों की सुरक्षा के सिए कब्रिस्तान/अंत्येष्टि स्थलों की चहार दीवारी निर्माण योजना के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-अल्पसंख्यक वगरें की शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक क्षेत्रों में बहु उद्देशीय शैक्षणिक हब की स्थापना की जाएगी, जिसमें कक्षा-6 से लेकर 12 तक शिक्षा की व्यवस्था होगी। इस योजना को प्रारंभ करने के लिए 34 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में क्रिटिकल गैप्स को दूर किये जाने के लिए 492 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-विकलांग जन के भरण-पोषण के लिए पेंशन दिए जाने के लिए 317 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
-शहरी गरीबाें के लिए कल्याणकारी योजनाएं।
-रिक्शाचालकों को बैटरी/सौर ऊर्जा चालित अत्याधुनिक रिक्शे दिए जाने की योजना के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था जो वर्ष 2012-13 की बजट व्यवस्था से 300 करोड़ रुपये अधिक।
-शहरी गरीब व्यक्तियों के लिए आवास उपलब्ध कराने की योजना' आसरा' के अंतर्गत 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था, जो गत वर्ष की बजट व्यवस्था से 300 करोड़ रुपये अधिक।
-प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र व स्लम में सीसीरोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स, नाली, जल निकासी एवं अन्य सुविधाओं के निर्माण के लिए 375 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-शहरी क्षेत्रों को स्लम मुक्त करने के उद्देश्य से शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराऐ जाने की राजीव आवास योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
महिलाओं के लिए
-भूख मुक्ति व जीवन रक्षा गारंटी योजना के अन्तर्गत बीपीएल परिवारों की 18 वर्ष से ऊपर की सभी महिलाओं को दो-दो साड़ियॉं तथा 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन को एक-एक कंबल दिए जाने के लिए 600 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-निराश्रित विधवाओं को भरण-पोषण अनुदान हेतु 608 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजनांतर्गत 350 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-वृद्ध महिला आश्रमों की स्थापना के लिए 03 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
अधिवक्ताओं के लिए
-अधिवक्ता कल्याण निधि को आर्थिक सहायता के लिए 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
कृषि
-वर्ष 2013-14 में 55.81 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य, जिसमें खरीफ के अंतर्गत 11.68 लाख क्विंटल एवं रबी के अंतर्गत 44.13 लाख क्विंटल बीज का वितरण प्रस्तावित।
-108.40 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य, जिसमें खरीफ के अंतर्गत 52.50 लाख मीट्रिक टन एवं रबी के अन्तर्गत 55.90 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जाना प्रस्तावित।
-कृषकों को 44 लाख किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण तथा उनसठ हजार करोड़ रुपये (59,000 करोड़ रुपये) का कृषि ऋण उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य।
-राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत वर्ष 2013-2014 में 771 करोड़ रुपये का प्रस्ताव।
-कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए बजट में 270 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
पंचायती राज
-बहुउद्देशीय पंचायत भवन/भारत निर्माण सेवा केंद्राें की निर्माण योजना में गैर बीआरजीएफ जनपदों बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर तथा मुजफ्फरनगर में 162 पंचायत भवनों के निर्माण का लक्ष्य।
-पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2013-2014 में 702 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण
-वर्ष 2013-2014 में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दो हजार आठ सौ तीस (2,830) हेक्टेयर में पुष्प क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम चलाया जाना प्रस्तावित।
-विभिन्न मसालों-हल्दी, लहसुन, मिर्च,धनिया की उन्नतशील प्रजातियों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2013-2014 में चार हजार सात सौ अस्सी (4,780) हेक्टेयर में कार्यक्रम होना प्रस्तावित।
ग्राम्य विकास
-ग्राम्य विकास कार्यक्रमों के लिए पांच हजार सत्तासी करोड़ रुपये (5,087 करोड़ रुपये) की व्यवस्था।
-विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के अंतर्गत प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए 1.50 करोड़ रुपये की दर से कुल 756 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निकांड से होने वाली क्षति को रोकने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां क्रय करने व निर्धन व्यक्तियों की चिकित्सा के लिए विधायक निधि से धनराशि स्वीकृत करने के लिए प्रावधान।
दुग्ध विकास एवं पशुधन व मत्स्य
-अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित 5 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के प्रदेश के सबसे बड़े डेरी प्लांट की स्थापना कराई जाएगी। -जनपद आजमगढ़ में एक नया पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
-कुकुट उद्योग के तेजी से विकास के लिए प्रदेश में कॉमर्शियल लेयर्स एवं ब्रॉयलर पैरेण्ट फार्म खोले जाने की नीति को क्रियान्वित किया जाएगा।
-मछुआ समुदाय के सामाजिक संरक्षण के लिए 1.30 लाख समिति के सदस्यों/सक्रिय मत्स्य पालकों को नि:शुल्क प्रीमियम पर आधारित मछुआ दुर्घटना बीमा योजना से आच्छादित करने का लक्ष्य।
-मछुआ समुदाय के आवास विहीन मछुआ परिवारों को 50,000 रुपये प्रति आवास की दर से नि:शुल्क आवास की सुविधा प्रदान कराई जाएगी।
परती भूमि विकास
-ऊसर सुधार परियोजना के तृतीय चरण के लिए 176 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-सोडिक लैंड रिक्लेमेशन परियोजना के अंतर्गत उपचार के लिए इक्कीस हजार सात सौ तिरानवे (21,793) हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन।
-बीहड़ सुधार पायलट परियोजना के अंतर्गत दो हजार छह सौ चैवन (2,654) हेक्टेयर का चयन।
गन्ना एवं चीनी उद्योग
-गन्ना किसानों के उत्पादों की विपणन सुविधाओं में विस्तार के लिए अंतर-ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए 63 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
ऊर्जा
-ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं और परियोजनाओं के लिए ग्यारह हजार सात सौ बत्तीस करोड़ रुपये (11,732 करोड़ रुपये) की व्यवस्था, जो वर्ष 2012-13 की तुलना में 24.5 प्रतिशत अधिक।
-सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत वितरण कंपनियों की कार्यकुशलता में सुधार व उनका वित्तीय पुनर्गठन करने के लिए बजट में 1,522 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
- सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत उत्पादन परियोजनाओं के निर्माण, क्षमता विस्तार तथा आधुनिकीकरण कायरें के लिए एक हजार सत्तर करोड़ रुपये (1,070 करोड़ रुपये) की व्यवस्था।
-सार्वजनिक क्षेत्र में अधिष्ठापित उत्पादन क्षमता 4,433 मेगावाट में 1,500 मेगावाट की वृद्धि का लक्ष्य। -नए विद्युत संयंत्रों से विद्युत की निकासी के लिए विभिन्न क्षमताओं वाले 61 नये ट्रांसमिशन केंद्रों की स्थापना तथा 1,837 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों के अधिष्ठापन का लक्ष्य।
-वितरण व्यवस्था में सुधार हेतु 33 केवी क्षमता के 338 विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण प्रस्तावित।
-अविद्युतीकृत एवं आंशिक रूप से विद्युतीकृत तीन हजार आठ सौ चौवन (3,854) ग्रामों तथा तीस हजार छह सौ सत्तर (30,670) मजरों के विद्युतीकरण पर तीन हजार चार सौ तिरपन करोड़ रुपये (3,453 करोड़ रुपये) का व्यय अनुमानित।
सड़क एवं यातायात
-सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, अनुरक्षण, मरम्मत तथा चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कायरें के लिए बजट में सात हजार आठ सौ अड़तालिस करोड़ रुपये (7,848 करोड़ रुपये) की व्यवस्था, जो वर्ष 2012-13 की बजट व्यवस्था से एक हजार दो सौ चार करोड़ रुपये (1,204 करोड़ रुपये) अधिक।
-कृषि विपणन सुविधाओं हेतु ग्रामीण संपर्क मागरें, लघु सेतुओं के निर्माण कायरें के लिए एक हजार आठ सौ सतहत्तर करोड़ रुपये (1,877 करोड़ रुपये) की व्यवस्था।
-ग्रामों/बसावटों को पक्के संपर्क मागरें से जोड़ने हेतु 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-पुलों के निर्माण एवं अनुरक्षण हेतु एक हजार एक सौ दस करोड़ रुपये (1,110 करोड़ रुपये) की बजट व्यवस्था, जिसमें रेलवे उपरिगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था सम्मिलित।
-जिला मुख्यालयों को चार लेन से जोड़े जाने हेतु 350 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-अधिक यातायात घनत्व वाले राच्य मागरें, प्रमुख जिला मागरें एवं अन्य जिला मागरें के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-पूवरंचल तथा बुंदेलखंड की विशेष योजनाएं
- पूवरंचल की विशेष योजनाओं एवं सड़क संयोजकता में सुधार कायरें हेतु 291 करोड़ रुपये तथा बुन्देलखण्ड की विशेष योजनाओं एवं सड़क संयोजकता में सुधार कायरें के लिए 109 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
सिंचाई
-किसानों को मुफ्त एवं बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं अनुरक्षण कायरें हेतु सिंचाई विभाग के बजट में सात हजार इकसठ करोड़ रुपये (7,061 करोड़ रुपये) की बजट व्यवस्था, जो वर्ष 2012-13 की बजट व्यवस्था से एक हजार आठ सौ सत्रह करोड़ रुपये (1,817 करोड़ रुपये) अधिक।
-बाढ़ नियंत्रण कायरें हेतु 725 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-उत्तर प्रदेश वॉटर सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना के द्वितीय चरण हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-वॉटर बॉडीज के रिपेयर, रिनोवेशन एवं रिस्टोरेशन (आर0आर0आर0) संबंधी परियोजना हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-प्रारम्भ में यह योजना बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपद बॉंदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, चित्रकूट, झॉसी एवं ललितपुर में चलायी जायेगी।
लघु सिंचाई
-लघु सिंचाई की विभिन्न योजनाओं के लिए 340 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-इससे 8.80 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता का सृजन।
-नि:शुल्क बोरिंग हेतु 30 करोड़ रूपये तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया सामुदायिक नलकूप योजना हेतु 05 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
नगर विकास
-आगरा पेयजलापूर्ति परियोजना हेतु 300 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
-नदी प्रदूषण नियंत्रण कायरें हेतु 15 करोड़ रुपये तथा झील संरक्षण योजना हेतु 15 करोड़ रूपये की व्यवस्था।
-गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त किए जाने हेतु ''राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन अथॉरिटी'' के कायरें के लिए 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
आवास एवं शहरी नियोजन
-लखनऊ नगर के समग्र विकास योजना की तर्ज पर लखनऊ सहित प्रदेश के विभिन्न नगरों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
सूचना प्रौद्योगिकी
-लखनऊ में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क तथा आईटी सिटी की स्थापना का निर्णय।
-सूचना प्रौद्योगिकी नीति के क्रियान्वयन हेतु 16 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
लघु उद्योग
- वित्तीय वर्ष 2013-2014 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों की स्थापना प्रस्तावित है, ताकि अधिक से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित हों।
खादी एवं ग्रामोद्योग
-मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक न्याय पंचायत में एक इकाई की स्थापना करने के उद्देश्य से वर्ष 2013-2014 में लगभग 2,500 ग्रामोद्योगी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य जिससे लगभग 60,000 लाभार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
हथकरघा वस्त्रोद्योग
-मुबारकपुर, जनपद आजमगढ़ में हथकरघा उद्योग के लिए विपणन केन्द्र की स्थापना हेतु 05 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
बेसिक शिक्षा
-बेसिक शिक्षा की विभिन्न योजनाओं के लिये वर्ष 2013-2014 हेतु इक्कीस हजार पांच सौ बीस करोड़ रुपये (21,520करोड़ रुपये) की बजट व्यवस्था।
-वर्ष 2013-2014 में सर्व शिक्षा अभियान के लिए दो हजार दो सौ उन्नीस करोड़ रुपये (2,219 करोड़ रुपये) एवं मध्याह्न भोजन कार्यक्त्रम हेतु एक हजार सात सौ उनहत्तर करोड़ रुपये (1,769 करोड़ रूपये) की बजट व्यवस्था।
- सर्वशिक्षा अभियान के अन्तर्गत असेवित बस्तियॉ, जो किन्ही कारणों से छूट गई हैं, उनमें वर्ष 2013-2014 में नवीन विद्यालय खोला जाना प्रस्तावित।
-वित्तीय वर्ष 2013-2014 में दस हजार (10,000) अतिरिक्त कक्षा-कक्षों के निर्माण के साथ-साथ बीस हजार (20,000) विद्यालयों की चहारदीवारी का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित।
माध्यमिक शिक्षा
-माध्यमिक शिक्षा की विभिन्न योजनाओं के लिये वर्ष 2013-2014 हेतु कुल दस हजार तीन सौ सड़सठ करोड रुपये (10,367 करोड़ रुपये) की व्यवस्था।
-माध्यमिक विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के लिए 98 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-शैक्षिक दृष्टि से पिछडे़ 680 विकास खंडों में माध्यमिक स्तर पर अध्ययन करने वाली छात्राओं के लिए 200 छात्रावासों का निर्माण।
-जनपद एटा के ग्राम अमृतपुर रघुपुर तथा जनपद लखनऊ ग्राम पंचायत सैरपुर में राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना।
- बख्शी का तालाब, लखनऊ के ग्राम बेहटा के जूनियर हाई स्कूल को उच्चीकृत कर राजकीय इण्टर कॉलेज की स्थापना।
-प्रदेश में एक नए सैनिक स्कूल की स्थापना की जाएगी।
प्राविधिक शिक्षा
-प्रत्येक मंडल में एक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित किया जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल।
-मैनपुरी में एक राजकीय इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर एक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कालेज, गोरखपुर को रुड़की की भांति विश्वविद्यालय बनाने का निर्णय।

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